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आरोग्य-उपचार::

acupunctureकलरपंक्चर™ चिकित्सा

कलरपंक्चर™ विधि में प्राकृतिक आरोग्य में सहायता देने और इसमें तेजी लाने हेतु अंतःकोशिकीय संवाद को वापस बहाल करने या/और उसे उत्प्रेरित करने के लिये बहुआयामी प्रकाश फ्रिक्वेंसीज का उपयोग किया जाता है.

अब वैज्ञानिक यह अनुसंधान कर रहे हैं कि वस्तुतः प्रकाश एक माध्यम है जिसके ज़रिये कोशिकायें संवाद करती हैं और यह अनेक शारीरिक प्रकार्यों का खास आधार है. कलरपंक्चर चिकित्सा में हाथों से पकड़े जा सकने वाले ऍक्युप्रकाश उपकरणों की मदद से - जिसमें खास प्रकार से बने हुए अंतःपरिवर्तनीय ग्लास-छ्ड़ें लगी होती हैं और जो फ़ोकस टिप के माध्यम से अलग-अलग रंगों के प्रकाश बिखेरती हैं - प्रकाश-वर्णों की फ़्रिक्वेंसी को त्वचा पर संकेन्द्रित किया जाता है. हर वर्ण अलग-अलग प्रकाश फ़्रिक्वेन्सी से बना होता है और इस प्रकार अलग-अलग ऊर्जा सूचनाओं का संप्रेषण करता है.

चिकित्सा में एक श्रृंखला में एक प्रस्तावित वर्ण-संरचना वाले खास विंदुओं के सेट शामिल होते हैं. प्रकाश जब त्वचा द्वारा अवशोषित किया जाकर ऊर्जा प्रवाहपथों से होकर शरीर में गहरे प्रवाहित किया जाता है तो इससे अंतःकोशिकीय संवाद उत्प्रेरित होता है जिससे हमें आरोग्य प्राप्त होता है.end of article


DISCLAIMER: The extent of the response to treatment varies from patient to patient — even with similar diagnosis — as the internal bodily environment is unique to each individual patient.

एम.टी.ओ. हॉलिस्टिक स्वास्थ्य केन्द्र में चिकित्सा का मतलब है “सम्पूर्ण” व्यक्ति का उपचार करना - भीतर और बाहर. इसमें बाहरी और पर्यावरणीय प्रभावों तथा अन्य बातों के साथ-साथ भौतिक शरीर, विचार और भावनाएँ, आध्यात्मिक सरोकार, शरीर के अन्दर और इर्द-गिर्द के ऊर्जा-क्षेत्र इत्यादि शामिल हैं.

स्थितियाँ जिनका हम उपचार करते हैं एलर्जी, स्वलीनता (Autism), स्वघटित रोग-प्रतिरोधकता सम्बन्धी कठिनाइयां, रक्त-शर्करा सम्बन्धी गड़बड़ी, कैन्सर, हृदय सम्बन्धी स्थितियाँ, पाचन सम्बन्धी दोष, अंतःस्रावी असंतुलन (एड्रिनल, गर्भाशय/ वृषण, पीयूष, थाइराइड), प्रतिरोधक गड़बड़ियां, लसीकावाहिका सम्बन्धी कठिनाइयां, न्यूरॉलोजिकल दोष, मनोवैज्ञानिक दोष (लत, चिन्ता, अवसाद, उद्विग्न- बाध्यतापूर्ण/ भोजन व्यवहार)